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Thu, Sep 08 2022

Welfare Schemes

Non Pensioner पूर्व सैनिक के लिए आर्थिक सहायता स्कीम

कई बार ऐसा होता एक कि आर्म्ड फ़ॉर्सेज़ से एक सैनिक को बिना पेन्शन के सर्विस से डिस्मिस कर दिया जाता है या वो खुद 15 साल सर्विस ख़त्म होने से पहले डिस्चार्ज ले लेता है तथा उसको पेन्शन नहीं मिलती है। 60-65 वर्ष की उम्र तक से पूर्व सैनिक कोई नोकरी या अन्य कार्य करके अपने घर को चलाते है और जैसे ही इनकी आयु 60-65 वर्ष होती है तो इस उमर में कार्य करना मुस्किल हो जाता है। ना ही इन्हें कोई नोकरी देता है बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य  भी ख़राब होता है। इस समय इनके लिए अपनी सेहत का ध्यान हुए अपने घर को चलाने में बहुत मुस्किल होती है। सन 1981 में जिन ग़ैर पेन्शन भूतपूर्व सैनिक/विधवा की आयु 65 वर्ष हो गयी हो उनके  लिए दो साल के लिए Rs 100 की मन्थ्ली वित्तीय मदद शुरू की। 

2007 में इसको बढ़ाकर Rs 500 प्रति महीना दो साल के लिए  कर दिया और अगर पूर्व सैनिक की आयु 70 वर्ष हो जाए तो Rs 30000 की एकमुश्त वित्तीय मदद भी मिलती है। Oct 2011 से इस स्कीम को और आसान कर दिया और इस मन्थ्ली ग्रांट को बढ़ाकर Rs 1000 उमर भर के लिए कर दिया गया और 01 Apr 2017 से इस राशि को बढ़ाकर Rs 4000 प्रति महीना कर दिया गया।

स्कीम का उद्देश्य  :-
इस स्कीम का उद्देश्य हवलदार/बराबर  रैंक तक के पूर्व सैनिक/विधवा को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

पात्रता की शर्तें :-
आवेदक को एक ग़ैर पेनसनर पूर्व सैनिक/विधवा होना चाहिए।
आवेदक की रैंक हवलदार/बराबर तक होनी चाहिए।
आवेदक की उम्र 01 Apr को 65 वर्ष होनी चाहिए।
अगर पूर्व सैनिक इस ग्रांट का लाभ उठा रहा हो और उसकी मौत हो जाती है तो यह ग्रांट उसकी वाइफ़ को मिलना शुरू हो जाएगी चाहे उसकी आयु कितनी भी हो।

ज़रूरी दस्तावेज :- 
निम्नलिखित दस्तावेज को केंद्रीय सैनिक बोर्ड की वेब साइट पर अपलोड करना होता है :-

सर्विस डॉक्युमेंट्स/ डिस्चार्ज बुक के सभी पेज की कॉपी। सभी पेज नम्बर वाइज़ होने चाहिए। सभी पेज अच्छे से दिखने चाहिए, अगर किसी पेज में कोई कटिंग या ओवर राइटिंग है तो उस पेज पर ज़िला सैनिक वेल्फ़ेर ऑफ़िसर का साइन और स्टाम्प लगी होनी चाहिए।
आयु प्रमाण पत्र अगर सर्विस डॉक्युमेंट/डिस्चार्ज बुक में जनम तिथि नहीं लिखी है।
ज़िला सैनिक बोर्ड द्वारा जारी किया गया आयडेंटिटी कार्ड।
बैंक पास बुक के पहले पेज की कॉपी जिसमें उसकी सारी जानकारी जैसे बैंक अकाउंट नम्बर, IFS कोड दिए हो अगर बैंक पास बुक में ये सारी जानकारी नहीं दी गयी हो तो एक कैन्सेल्ड चेक जिसमें ये सारी जानकारी दी हो।
आवेदक द्वारा एक प्रमाण पत्र जो यह प्रमाणित करे की उसकी कोई इंकम नहीं है।
ऐप्लिकेशन को ज़िला सैनिक वेल्फ़ेर ऑफ़िसर द्वारा भी रेकमेंड किया जाता है और एक प्रमाण पत्र देना होता है जो यह प्रमाणित करे की आवेदक द्वारा दी गयी सभी जानकारी/दस्तावेज  सही है।

बाद की ग्रांट:-
बाद की ग्रांट के लिए आवेदक को केंद्रीय सैनिक बोर्ड की साइट पर लॉगिन करना होगा और ज़िला सैनिक वेल्फ़ेयर ऑफ़िसर द्वारा काउंटर साइन किया हुआ जीवन प्रमाण पत्र अपलोड करना होता है। यह प्रमाण पत्र 01 Dec से लेकर 31 Mar तक जमा करना होता है। वित्तीय सहायता को ट्रान्स्फ़र नहीं किया जा सकता है अगर किसी कारण पूर्व सैनिक की मौत हो जाती है तो उसकी पत्नी को फिर से नए आवेदन करने की ज़रूरत नहीं है उसे सिर्फ़ अपने पति के KSB के अकाउंट में कुछ जानकारी अप्डेट करनी पड़ती है जैसे “आप कोन है “ के कॉलम में “विधवा” भरना पड़ता है और प्रोफ़ायल पेज में  पति के देहांत की तारीख़ एंटर करनी होती है।

विधवा की आयु 65 वर्ष होना अनिवार्य नहीं है उसकी आयु अगर 50 वर्ष भी है तो उसको वित्तीय सहायता मिलेगी। विधवा को भी बाद की ग्रांट के लिए केंद्रीय सैनिक बोर्ड की साइट पर लॉगिन करना होगा और ज़िला सैनिक वेल्फ़ेयर ऑफ़िसर द्वारा काउंटर साइन किया हुआ जीवन प्रमाण पत्र अपलोड करना होता है। यह प्रमाण पत्र 01 Dec से लेकर 31 Mar तक जमा करना होता है।

 

Source - Fouji Adda

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